2026 मार्केट आउटलुक की मुख्य बातें
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वर्ष 2026 में प्रवेश करने पर लगता है मानों हम ग्लोबल मार्केट के चुनौतीपूर्ण लेकिन महत्वपूर्ण 2025 से निकल रहे हैं। घटते महंगाई के दबाव, भू-राजनीतिक तनाव और असमान आर्थिक विकास के रुझानों के जवाब में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के सेंट्रल बैंकों ने तेजी से अलग-अलग स्ट्रेटजियां अपनाई। इन अनिश्चितताओं से, 2026 में उथल-पुथल देखी जा सकती है, जिसमें बाजार तेजी से ध्रुवीकृत दिशाओं में आगे बढ़ेंगे।
संक्षेप में 2025: प्रमुख सेंट्रल बैंक और FX बाजार
- भविष्य की पॉलिसी पर काफी अनिश्चितता के बीच फेडरल रिज़र्व (फेड) ने दिसंबर में सावधानी से दरों में कटौती करके 3.5%–3.75% किया, जिससे उसके दीर्घ कठोरतापूर्ण चक्र की समाप्ति हुई, जो पॉलिसी निर्माताओं के बीच 9–3 के असामान्य बंटवारे वाले वोट में देखने में आई।
- महंगाई 2.0% के लक्ष्य के पास स्थिर होने पर यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) ने आगे रेट बढ़ाने पर रोक लगाकर डेटा-आधारित अप्रोच सहित आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दी।
- वर्ष 2026 में प्रवेश करते समय बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) ने महंगाई और कमजोर ग्रोथ का लगातार सामना करते हुए, अनिश्चितता के बीच दरें 3.75% पर स्थिर रखकर संतुलित दृष्टिकोण बनाया।
- इसके विपरीत, दिसंबर में बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने दरें बढ़ाकर 0.75% कीं, धीरे-धीरे नॉर्मलाइज़ेशन जारी रखते हुए ग्लोबल ब्याज दर और करेंसी मार्केट में जटिलता बढ़ाई।
- इन अलग-अलग रास्तों से यील्ड के अंतर बढ़े, जिससे अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ, यूरो को सपोर्ट मिला और ट्रेड करने की गतिशीलता और रिस्क सेंटीमेंट में बदलाव के प्रति येन संवेदनशील हुआ।
वर्ष 2025 बीतने पर, हमारा ध्यान रेट बढ़ाने से हटाकर दुनिया भर में सेंट्रल बैंकों की पॉलिसी में बढ़ते अंतर पर केन्द्रित हो गया है।
वर्ष 2026 में ये प्रमुख सेंट्रल बैंक अलग-अलग रास्तों पर आगे कैसे बढ़े
फेडरल रिज़र्व: ढील देने की ओर बढ़ रहा है
दिसंबर 2025 में अहम मोड़ तब देखा गया, जब फेड ने अपनी सबसे ऊंची ब्याज दरों से दूरी बनानी शुरू की। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2025 के अंत में दरें 3.6% से मामूली गिरकर 2026 के अंत तक 3.4% हो जाएंगी, जिसका मतलब है वर्ष 2026 में केवल चौथाई पॉइंट की कटौती होगी। सोचे-समझे इस तरीके का मकसद धीरे-धीरे आर्थिक मंदी को सपोर्ट करते हुए महंगाई को फिर से बढ़ने से रोकना है।
जेरोम पॉवेल के कार्यकाल की मई में समाप्ति हो रही है इसलिए 2026 का अहम फैक्टर फेडरल रिज़र्व के नेतृत्व में बदलाव है। बाज़ार की पूरा ध्यान उनके उत्तराधिकारी के संकेतों पर है, क्योंकि फेड की आज़ादी में किसी भी बदलाव से बॉन्ड यील्ड और डॉलर की अस्थिरता में अचानक तेज़ी आ सकती है। नीचे की सारणी में 2025 के अंत से 2027 के बीच और उससे भी लंबे समय तक अनुमानित न्यूनतम दरों में बदलाव दर्शाए गए हैं।
| समय अवधि | फेड ब्याज दर का अनुमान |
| 2025 के अंत तक | अनुमान: 3.6% वास्तविक प्रभावी दर: 3.64% |
| 2026 के अंत तक | 3.4% |
| 2027 के अंत तक | 3.1% |
| दीर्घावधि तक | 3.0% |
स्रोत: फेडरल रिज़र्व बोर्ड, सम्मरी ऑफ इकॉनामिक प्रोजेक्शंस (SEP), 10 दिसंबर, 2025 से लिया गया (https://www.federalreserve.gov/monetarypolicy/fomcprojtabl20251210.htm)
ECB और BoE: महंगाई स्थिर रखने पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ
ECB का स्थिर रुख में यह बढ़ता भरोसा है कि महंगाई का दबाव कम हो रहा है, जिससे और सख्ती की बजाय आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दी जा रही है। BoE के दृष्टिकोण में अधिक सतर्कता है और कोई भी ढील भविष्य की महंगाई और विकास के डेटा पर निर्भर करेगी।
बैंक ऑफ़ जापान: धीरे-धीरे सामान्यीकरण जारी है
जापान अलग नीतिगत रास्ते पर है, जिसमें वित्तीय स्थितियों को बाधित किए बिना नीतिगत लचीलापन बहाल करने के उद्देश्य से धीरे-धीरे एडजस्टमेंट हो रहे हैं। यह अंतर ग्लोबल यील्ड गतिविधियों और जोखिम भावना से येन को मज़बूती से जोड़े रखता है।
FX बाज़ार के अनुमान
भिन्न-अलग मौद्रिक नीतियाँ यील्ड स्प्रेड को करेंसी प्रदर्शन का प्रमुख चालक बनाए रखेंगी। ढील की उम्मीदें बढ़ने पर अमेरिकी डॉलर कमज़ोर हो सकता है, जबकि ट्रेड करने की स्ट्रेटजियों के प्रति येन संवेदनशील बना हुआ है। विशेषकर कम-यील्ड वाली करेंसियों के मुकाबले स्थिर, कम अस्थिरता वाले माहौल में, यील्ड-चाहने वाली स्ट्रेटजियाँ फिर से लोकप्रिय हो सकती हैं।
मैक्रो रीसेट – वर्ष 2026 में ग्रोथ, महंगाई और सेंटीमेंट
लगातार डाउनसाइड जोखिमों के होते हुए, वर्ष 2026 की शुरुआत मंदी के रूप में नहीं, बल्कि धीमी मगर मज़बूत ग्लोबल ग्रोथ ओर मैक्रो रीसेट के तौर पर है।
- ग्लोबल ग्रोथ आउटलुक: प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में विस्तार धीमा मगर बड़े पैमाने पर बरकरार रहता है। डाउनसाइड जोखिम आमतौर पर सिस्टमैटिक होने के बजाय नियंत्रण में होते हैं।
- महंगाई के रुझान: महंगाई में असमान तौर पर कमी जारी है, जिसमें सर्विसेस की महंगाई और वेतन-आधारित घटक अधिक हैं, जिससे सतर्क पॉलिसी कैलिब्रेशन को बढ़ावा मिल रहा है।
- क्षेत्रीय विकास में गतिशीलता: परिपक्व और उभरते बाजारों के मिश्रण से ग्रोथ हो रही है। चीन संरचनात्मक रूप से घरेलू मांग की ओर बढ़ रहा है, जबकि भारत रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की अनुमानित 7.3% ग्रोथ से आगे बढ़ रहा है। इस संतुलन से वर्ष 2026 के उभरते बाजार के परिदृश्य का आकार बनता है।
राजकोषीय दबाव: अनेक बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बॉन्ड बाजारों, जोखिम प्रीमियम और समग्र निवेशक भावना को बढ़े हुए राजकोषीय घाटे और राजनीतिक अनिश्चितता प्रभावित करती रहती है।
वर्ष 2026 के लिए क्रॉस-एसेट ट्रेडिंग आउटलुक
FX
- ग्लोबल ब्याज दर में अंतर कम होने से अमेरिकी डॉलर पर समय-समय पर दबाव पड़ सकता है, जिससे यूरो और ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले यह कमजोर हो सकता है।
- यील्ड स्प्रेड करेंसी की चाल का मुख्य चालक है, जो बड़े ट्रेंड के बजाय चुनिंदा स्थिति निर्धारण के पक्ष में है।
- स्थिर वोलैटिलिटी में ट्रेड करना फिर से आकर्षक हो सकता है, विशेषकर जापानी येन जैसी कम यील्ड वाली करेंसी के मामले में।
गोल्ड
चार्ट में दर्शाए अनुसार, 2025 के अंत में गोल्ड की कीमतें काफी बढ़ीं, नवंबर के मुकाबले दिसंबर में कीमतें अधिक थीं। इस मज़बूती का कारण मुख्य रूप से सेंट्रल बैंकों की मज़बूत खरीदारी और लगातार ग्लोबल राजनीतिक अनिश्चितता है। ऐसी दुनिया जहां अप्रत्याशा बढ़ती जा रही है, गोल्ड महत्वपूर्ण सुरक्षित निवेश बना है जो पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने और बैलेंस करने में मदद करता है, साथ ही बाज़ार की उम्मीदें भी 2026 में पॉलिसी में ढील और सेंट्रल बैंक की लगातार मांग के बीच और सपोर्ट मिलने की संभावनाएं देख रही हैं।

स्रोत: TradingView.com – नवंबर 2025 से दिसंबर 2025
ऑयल
लगातार भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद, क्रूड ऑयल के बाज़ार सप्लाई की अधिकता वाले माहौल का सामना कर रहे हैं। बढ़ता प्रोडक्शन और बदलते डिमांड पैटर्न तेज़ी की गति को सीमित कर सकते हैं।
क्रिप्टोकरेंसियां
वर्ष 2026 में रेगुलेटरी डेवलपमेंट और बढ़ती इंस्टीट्यूशनल भागीदारी मुख्य थीम रहेंगी। ट्रेडरों को सेक्टर की बढ़ी हुई वोलैटिलिटी और विशेष रिस्क प्रोफाइल के प्रति सावधान रहना चाहिए।
इंडीसीज
ग्लोबल इक्विटी सेंटीमेंट मुख्यतया पॉजिटिव बना हुआ है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिफेंस जैसे सेक्टरों में मजबूत कमाई की उम्मीदों की सपोर्ट है। इसके बावजूद, परफॉर्मेंस के सेलेक्टिव रहने की संभावना है, जिसमें सेक्टर रोटेशन और क्षेत्रीय अंतर की बड़ी भूमिका रहेगी।
वर्ष 2026 के मुख्य चालक और देखने योग्य घटनाएं
पोलराइज्ड बाजारों में आगे बढ़ने के लिए, ट्रेडरों को मुख्य चालकों और तय वॉचपॉइंटों पर ध्यान देना चाहिए जो अक्सर शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी तय करते हैं।
स्ट्रक्चरल एवं अनदेखे चालक
ये अंदरूनी थीम आमतौर पर कम आंकी जाती हैं, लेकिन विशेषतौर पर वर्ष के शुरुआती महीनों में मार्केट में ये विशेष बदलाव ला सकती हैं:
- पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग फ्लो: वर्ष के शुरु में बड़े पैमाने पर इंस्टीट्यूशनल रीबैलेंसिंग से यील्ड, FX और इक्विटी इंडेक्स में कुछ समय के लिए लेकिन बड़े बदलाव हो सकते हैं।
- वोलैटिलिटी और जोखिम क्षमता: लगातार कम उतार-चढ़ाव ट्रेड करने में यील्ड चाहने वाले व्यवहार को बढ़ावा दे सकती है, जिससे अचानक डेटा या पॉलिसी में बदलाव के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है, जिससे कीमतों में तेज और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ जाती है।
- लिक्विडिटी ट्रैप: वर्ष के शुरु में कम लिक्विडिटी भू-राजनीतिक खबरों और आर्थिक घोषणाओं पर बाजार की प्रतिक्रियाएं बढ़ा देती है, जिससे वर्ष के बाद के महीनों के मुकाबले कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव संभव है।
मुख्य कैलेंडर देखने योग्य बातें
निर्धारित की गई ये घटनाएं वर्ष 2026 के नैरेटिव के लिए सीधे टेस्ट का काम करेंगी:
- आर्थिक डेटा: अमेरिकी लेबर और महंगाई रिपोर्ट, यूरोज़ोन महंगाई अपडेट और चीन की परचेज़िंग मैनेजर्स इंडेक्स ग्रोथ की मज़बूती और पॉलिसी की दिशा की उम्मीदें तय करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- फेड चेयर का उत्तराधिकार: मई 2026 में फेड चेयर के कार्यकाल की समाप्ति के आसपास के घटनाक्रम शायद देखने योग्य सबसे महत्वपूर्ण पॉलिसी इवेंट हैं, जो डॉलर और बॉन्ड बाज़ार की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।
- कमाई का सीज़न: टेक्नोलॉजी, बायोटेक और सुरक्षा क्षेत्रों से शुरुआती कमाई वर्ष 2026 के ग्रोथ विवरण टेस्ट करेगी।
- भू-राजनीतिक घटनाक्रम: ट्रेड तनाव (विशेषतौर पर अमेरिका-चीन संबंध) और प्रमुख ट्रेड मार्गों में रुकावटें संभावित अस्थिरता के महत्वपूर्ण स्रोत बने रहेंगे।
विस्तृत आर्थिक घटनाओं और उच्च-प्रभाव वाले डेटा रिलीज़ के लिए, आप आप इन्हें ATFX इकोनॉमिक कैलेंडर वेबपेज पर यहां देख सकते हैं – Live Forex Economic Calendar | Live Forex Event & Signals | ATFX
वर्ष 2026 में प्रवेश करना
समान मंदी के बजाय वर्ष 2026 अलगाव और स्ट्रेटजिक पुनर्गठन के वर्ष के रूप में आकार ले रहा है। बाज़ार के परिणामों का संचालन तेज़ी से सापेक्ष नीतिगत रास्तों, पूंजी प्रवाह और पोजीशनिंग से होगा। अवसरों को पहचानने और जोखिम मैनेज करने के लिए केंद्रीय बैंक के संकेतों, प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक विकास पर ध्यान देने के प्रति सचेत रहें।
आगे क्या
वर्ष 2026 के बाज़ार दृष्टिकोण के आसपास उच्च स्तरीय अनिश्चितता देखते हुए, सूचित रहना और जोखिम मैनेज करना महत्वपूर्ण है। विश्लेषण के लिए आप समय पर ATFX के मार्केट न्यूज से अपडेट रहकर व्यापक ट्रेडिंग शिक्षा संसाधनों (ई-बुक्स, वेबिनार) को खोजकर अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी बढ़ा सकते हैं। प्रमुख बाजारों को मॉनिटर करने के लिए आप व्यक्तिगत वॉचलिस्ट और ATFX मोबाइल ऐप पर उपलब्ध उन्नत चार्टिंग टूल जैसे व्यावहारिक टूलों के उपयोग से जोखिम को प्रभावी ढंग से मैनेज करना सुनिश्चित करें।



